कुरूद में लावारिस शव का अंतिम संस्कार, बोल बम सेवा समिति ने पेश की मानवता की मिसाल

कुरूद में लावारिस शव का अंतिम संस्कार करते बोल बम सेवा समिति कुरूद के सदस्य
कुरूद में 75वें लावारिस शव का अंतिम संस्कार करते बोल बम सेवा समिति एवं वंदेमातरम परिवार के सदस्य।

कुरूद। न कोई पहचान, न कोई अपना सामने आया… लेकिन अंतिम सफर में मानवता ने साथ नहीं छोड़ा! कुरूद में लावारिस शव का अंतिम संस्कार कर बोल बम सेवा समिति कुरूद एवं वंदेमातरम परिवार ने एक बार फिर सेवा, संवेदना और इंसानियत की मिसाल पेश की है। ग्राम डांडेसरा से डाही मार्ग पर 19 अक्टूबर को मिले अज्ञात शव को 22 अक्टूबर को पुलिस की मौजूदगी में सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी गई। यह कोई साधारण अंतिम संस्कार नहीं, बल्कि समिति की मानव सेवा यात्रा का 75वां पड़ाव था। जिस मृतक की पहचान तक सामने नहीं आ सकी, उसकी अंतिम विदाई की जिम्मेदारी उठाकर समिति के सदस्यों ने यह संदेश दिया कि इंसानियत का रिश्ता पहचान से नहीं, संवेदना से होता है।

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कुरूद में लावारिस शव का अंतिम संस्कार, पुलिस की मौजूदगी में दी गई विदाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को ग्राम डांडेसरा से डाही जाने वाले मार्ग पर पुलिया के समीप एक अज्ञात शव मिला था। इसके बाद बोल बम सेवा समिति एवं वंदेमातरम परिवार ने शव के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाने के लिए पहल की।

22 अक्टूबर को कुरूद थाना से विधिवत अनुमति प्राप्त करने के बाद कुरूद के हिंदू मुक्तिधाम में शव का कफन-दफन किया गया। यह प्रक्रिया कुरूद थाना पुलिस के स्टाफ की मौजूदगी में संपन्न हुई। इस दौरान समिति के सदस्यों ने मृतक को श्रद्धांजलि अर्पित कर उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

75वां लावारिस शव, मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण पड़ाव

बोल बम सेवा समिति एवं वंदेमातरम परिवार के अनुसार, यह उनके द्वारा अंतिम संस्कार किया गया 75वां लावारिस शव है। समिति की यह पहल समाज में मानवीय संवेदना और सेवा भावना का संदेश देती है।

किसी मृतक की पहचान अज्ञात होने के बावजूद उसे सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देना मानवीय कर्तव्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समिति के सदस्य इसी भावना के साथ अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार में अपनी भूमिका निभाते हैं।

अंतिम संस्कार में समिति के सदस्य और पुलिसकर्मी रहे उपस्थित

इस पुनीत कार्य में बोल बम सेवा समिति के अध्यक्ष भानु चंद्राकर, सह कोषाध्यक्ष भारत साहू, सदस्य कृष्णा ढीमर, सीताराम, मनबोधी, राजा चंद्राकर, रामायण ध्रुव, कमलेश, अमितेष ध्रुव, हरिकिशन दीवान, पुष्कर, शिव साहू, गोविंदा और अमित कुमार उपस्थित रहे।

वहीं, पुलिस टीम की ओर से एएसआई नंद साहब और आरक्षक भागवत साहू भी मौजूद रहे। समिति अध्यक्ष भानु चंद्राकर ने इस सेवा कार्य में सहभागी बने सभी सदस्यों एवं पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

बोल बम सेवा समिति कुरूद की पहल ने दिया मानवता का संदेश

कुरूद में लावारिस शव का अंतिम संस्कार करना केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि अज्ञात मृतक को सम्मानजनक विदाई देने का मानवीय प्रयास है। बोल बम सेवा समिति कुरूद एवं वंदेमातरम परिवार की इस पहल से समाज में सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश पहुंचता है।

समिति के अनुसार, 75वें लावारिस शव का अंतिम संस्कार उसकी सेवा यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह प्रयास याद दिलाता है कि मानवता का सम्मान किसी व्यक्ति की पहचान पर निर्भर नहीं करता, बल्कि जरूरत के समय आगे बढ़कर मदद करने की भावना में निहित है।

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