श्री श्याम मंदिर में अग्रवाल समाज ने किया महाराजा अग्रसेन का पूजन, समानता और सामाजिक एकता के आदर्शों को अपनाने का लिया संकल्प

कुरुद। महाराजा अग्रसेन जी की जयंती के पावन अवसर पर कुरुद में अग्रवाल समाज ग्रुप द्वारा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ जयंती समारोह मनाया गया। स्थानीय श्री श्याम मंदिर में आयोजित विशेष पूजा-अर्चना एवं महाआरती कार्यक्रम में समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और बंधुत्व का संदेश देते इस आयोजन में लकी ड्रा आकर्षण का केंद्र रहा।
महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प
कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा अग्रसेन जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित समाजजनों ने सामूहिक रूप से महाराजा अग्रसेन जी की महाआरती कर सुख-समृद्धि और समाज के कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर महाराजा अग्रसेन जी के समानता, सेवा, सहयोग और बंधुत्व के आदर्शों को स्मरण किया गया। उनके प्रसिद्ध ‘एक रुपया, एक ईंट’ के सिद्धांत को सामाजिक सहयोग और सामूहिक विकास की प्रेरणा बताते हुए इन मूल्यों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया।
लकी ड्रा बना आयोजन का खास आकर्षण
जयंती समारोह को यादगार बनाने के लिए समाज बंधुओं के बीच लकी ड्रा कूपन का आयोजन किया गया। उपस्थित सदस्यों को कूपन वितरित किए गए। महाआरती के पश्चात पारदर्शी तरीके से पर्ची निकालकर भाग्यशाली विजेता का चयन किया गया। विजेता को उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और आयोजन का माहौल उल्लासपूर्ण बना रहा।
वरिष्ठजनों, महिलाओं और युवाओं की रही सहभागिता
समारोह में अग्रवाल समाज के अध्यक्ष श्री सुभाष चंद्र अग्रवाल सहित सुभाष अग्रवाल, मोहन अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, प्रहलाद राय अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, दीपक बंसल, अनूप अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, आदित्य अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, अनमोल अग्रवाल, लल्ला अग्रवाल और लीलाराम अग्रवाल सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। महिलाओं एवं युवाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
पूजा-अर्चना, महाआरती और लकी ड्रा के पश्चात श्रद्धालुओं एवं समाजजनों को प्रसाद वितरित किया गया। इस तरह धार्मिक श्रद्धा, सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव के वातावरण में समारोह का सफल समापन हुआ। आयोजन ने समाज के लोगों को एकजुट होकर महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।
