बालोद पुलिस की जसगीत प्रस्तुति: एसडीओपी विनय साहू और थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने मोहा मन

बालोद पुलिस के जसगीत की प्रस्तुति दुर्गा पंडाल में।
नया बस स्टैंड स्थित दुर्गा पंडाल में जसगीत प्रस्तुत करते बालोद पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी।

बालोद से खास खबर | अपराधियों पर सख्ती और कानून-व्यवस्था की मुस्तैदी के लिए जानी जाने वाली खाकी जब मां दुर्गा की भक्ति में डूबी तो नजारा निराला हो गया। नया बस स्टैंड स्थित दुर्गा पंडाल में बालोद पुलिस के अफसरों और जवानों ने जैसे ही जसगीत के सुर छेड़े, पूरा पंडाल भक्तिरस से सराबोर हो उठा।

एसडीओपी विनय साहू, थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा सहित पूरे थाने के स्टाफ की इस भक्तिमय प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। जिस खाकी को लोग अपराधियों पर कार्रवाई करते देखते हैं, उसी खाकी का आस्था में रमा यह रूप लोक-संस्कृति, श्रद्धा और जनसेवा का खूबसूरत संगम बन गया।

बालोद पुलिस के जसगीत ने मोहा श्रद्धालुओं का मन

नवरात्रि के पावन अवसर पर नया बस स्टैंड स्थित दुर्गा पंडाल में बालोद पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धाभाव के साथ जसगीत की प्रस्तुति दी। एसडीओपी विनय साहू और थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा सहित थाने के स्टाफ ने मां दुर्गा की महिमा का गुणगान किया, जिसने पंडाल के भक्तिमय माहौल को और खास बना दिया।

वर्दी में भक्ति का अनोखा रंग

आमतौर पर अनुशासन और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाली खाकी का नवरात्रि में एक अलग अंदाज देखने को मिला। कर्तव्य के बीच मां की आराधना में पुलिस की ये सहभागिता आयोजन का खास आकर्षण बनी और उनके सांस्कृतिक-आध्यात्मिक पक्ष की झलक पेश कर गई।

जसगीत के सुरों में झलकी छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति

छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं में जसगीत का विशेष स्थान है। इसी पारंपरिक विधा के माध्यम से बालोद पुलिस ने अपनी श्रद्धा व्यक्त की और धार्मिक उत्सव के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव को भी रेखांकित किया।

जनसेवा के साथ सामाजिक जुड़ाव की झलक

पुलिस की जिम्मेदारी सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं है। ऐसे सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता पुलिस और आमजन के बीच संवाद का मजबूत माध्यम बनती है। नया बस स्टैंड पंडाल में बालोद पुलिस की ये प्रस्तुति उसी सहभागिता की सबसे आकर्षक झलक बनी।

 

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