कुरूद पटवारी हड़ताल: दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में संघ ने जलाई आदेश की प्रति

प्रदेश अध्यक्ष सहित पटवारियों पर निलंबन, सर्विस ब्रेक और तबादले से बढ़ा आक्रोश; कार्रवाई वापस होने तक बातचीत से इनकार

कुरूद पटवारी हड़ताल के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में आदेश की प्रति जलाते पटवारी संघ के सदस्य।
कुरूद पटवारी हड़ताल के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में आदेश की प्रति जलाकर प्रदर्शन करते पटवारी संघ के सदस्य।

कुरूद।  कुरूद पटवारी हड़ताल अब प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध के चलते और तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष सहित प्रदेशभर के पटवारियों पर की गई निलंबन, सर्विस ब्रेक और स्थानांतरण की कार्रवाई के विरोध में पटवारी संघ कुरूद ने सोमवार को आदेश की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश जाहिर किया। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सभी कार्रवाइयां वापस नहीं ली जातीं, तब तक किसी भी स्तर पर बातचीत नहीं होगी।

दरअसल, जब छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना की 26वीं वर्षगांठ मना रहा था, उसी दौरान प्रदेशभर के पटवारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल के 20वें दिन भी डटे हुए थे। इसी बीच 1 नवंबर को स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 50 से अधिक पटवारियों को निलंबित करने, लगभग इतने ही पटवारियों का सर्विस ब्रेक करने तथा करीब 100 पटवारियों के स्थानांतरण के आदेश जारी किए गए। इसके अलावा प्रदेशभर के पटवारियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

पटवारी संघ ने स्थापना दिवस के दिन की गई इन कार्रवाइयों पर कड़ा विरोध जताया। संघ ने इसे छत्तीसगढ़िया अस्मिता और कर्मचारियों के सम्मान से जुड़ा विषय बताते हुए आदेश की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

कुरूद पटवारी हड़ताल: ऑनलाइन व्यवस्था के सरलीकरण की मांग

पटवारियों की प्रमुख मांग रोजमर्रा के राजस्व कार्यों से जुड़ी ऑनलाइन व्यवस्था का सरलीकरण है। पटवारी संघ ऑनलाइन प्रक्रियाओं को सरल, व्यावहारिक और मैदानी कार्यों के अनुकूल बनाने की मांग कर रहा है। संघ का कहना है कि लगातार बढ़ती तकनीकी बंदिशों के कारण मैदानी स्तर पर काम करना मुश्किल हो रहा है।

कुरूद में आयोजित राष्ट्र चिंतन संवाद में अजय चंद्राकर के संबोधन की पूरी खबर यहां पढ़ें।

कुरूद पटवारी हड़ताल: कार्रवाई वापस होने तक बातचीत से इनकार

प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में पटवारी संघ ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। संघ का कहना है कि जब तक निलंबन, सर्विस ब्रेक, स्थानांतरण और नोटिस संबंधी सभी कार्रवाइयां वापस नहीं ली जातीं, तब तक किसी भी स्तर पर बातचीत नहीं की जाएगी। फिलहाल पटवारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर डटे हुए हैं।

विरोध प्रदर्शन में लक्ष्मण नरेटी, भूपेंद्र साहू, जीवराखन कश्यप, वीरेंद्र बैंस, रामरतन साहू, बिसन सिंह, खोवाराम साहू, हेमंत चंद्राकर, पाल सिंह, लोकेश निर्मलकर, डोमन, टिकेंद्र चंद्राकर, अमित, प्रमोद, रजनी आनेश्वरी, अंजली मत्स्यपाल, शशि साहू, रिंकी दास, त्रिवेणी साहू, तारिणी साहू सहित कुरूद एवं भखारा क्षेत्र के पटवारी उपस्थित रहे।

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