Gangrel me machhuaare ka rescue: गंगरेल में टापू पर फंसे बबलू निषाद को बचाया

वाटर एम्बुलेंस से रेस्क्यू, जिला प्रशासन के समन्वय से सुरक्षित घर लौटे बबलू निषाद

Gangrel me machhuaare ka rescue के दौरान गंगरेल जलाशय में मछुआरे को बचाती रेस्क्यू टीम।
गंगरेल जलाशय में टापू पर फंसे मछुआरे बबलू निषाद के बचाव अभियान में जुटी टीम।

धमतरी, 29 अक्टूबर 2026। गंगरेल जलाशय में अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज लहरों के बीच नाव पलट गई। इसके बाद Gangrel me machhuaare ka rescue अभियान चलाना पड़ा। हालांकि, ब्लू एडवेंचर टीम ने समय पर मदद पहुंचाई। टीम ने बबलू को गांव सुरक्षित पहुंचा दिया।

Gangrel me machhuaare ka rescue: अचानक पलट गई नाव

जानकारी के मुताबिक बबलू निषाद ग्राम बरारी के निवासी हैं। वे पेशे से मछुआरे हैं। वे लकड़ी लेने ठेमली आइलैंड गए थे। इसी दौरान मौसम ने करवट ली। तेज हवा से लहरें उठने लगीं। इसलिए हालात बिगड़ गए। उन्होंने परिवार को सूचना दी। लेकिन तब तक नाव पलट चुकी थी।

करीब 100 मीटर तैरकर दूसरे टापू पर पहुंचे

नाव पलटने के बाद भी बबलू ने हिम्मत नहीं हारी। फिर वे करीब 100 मीटर तैरकर दूसरे टापू पर पहुंचे। वहां उन्होंने शरण ली। इस दौरान अंधेरा हो गया। इस कारण जंगल में रास्ता मिलना मुश्किल हो गया। उधर परिवार और ग्रामीण चिंतित थे। सूचना पर ब्लू एडवेंचर टीम सक्रिय हुई।

वाटर एम्बुलेंस से रेस्क्यू, सुरक्षित गांव लौटे बबलू निषाद

इसके बाद टीम ने वाटर एम्बुलेंस से सर्च शुरू किया। विषम परिस्थिति में भी टीम ने बबलू को ढूंढ लिया। फिर उन्हें सुरक्षित गांव पहुंचाया गया। इस अभियान में सत्येंद्र शिव और राजेश मुकेश की अहम भूमिका रही। वहीं स्थानीय लोगों की सतर्कता से यह अभियान सफल हुआ। इस तरह समय पर सूचना से जान बच गई

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गंगरेल जलाशय में सुरक्षा और सतर्कता जरूरी

गंगरेल जैसे बड़े जलाशय में मौसम अचानक बदल जाता है। यह नाव वालों के लिए जोखिम भरा है। इसलिए मौसम देखकर ही जलाशय में जाएं। इसके अलावा सुरक्षा उपकरण साथ रखें। तेज हवा में जोखिम लेने से बचें।

समय पर सूचना मिली। इसके बाद बचाव दल ने बबलू निषाद को बचा लिया।

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