उफनती महानदी के सीने को चीरकर पहुंची धमतरी पुलिस: लोमस ऋषि आश्रम में फंसी 9 जिंदगियों को सुरक्षित बाहर लाए जवान

लोमस ऋषि आश्रम में बाढ़ के बीच 9 लोगों का रेस्क्यू करती धमतरी पुलिस

लोमस ऋषि आश्रम में बाढ़ के बीच 9 लोगों का रेस्क्यू करती धमतरी पुलिस
उफनती महानदी के बीच लोमस ऋषि आश्रम में फंसे 9 लोगों को सुरक्षित निकालती करेलीबड़ी पुलिस टीम।

कुरूद / मगरलोड।धमतरी।

पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में करेलीबड़ी पुलिस ने बाढ़ की विकट परिस्थितियों में साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की। जब महानदी उफान पर थी, रात का अंधेरा गहरा चुका था और लोमस ऋषि आश्रम चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरा था, तब पुलिस जवानों ने करीब 3 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय किया और लगभग 200 मीटर गहरे बाढ़ के पानी को तैरकर पार करते हुए आश्रम तक पहुंच बनाई। रात करीब 1 बजे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में 3 मासूम बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

रात 10 बजे मिली सूचना, बिना देर किए रवाना हुई पुलिस टीम

25 सितंबर 2026 की रात करीब 10 बजे नवागांव के ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि कुलेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित लोमस ऋषि आश्रम एवं गौशाला बाढ़ के पानी से घिर गए हैं और वहां कई लोग फंसे हुए हैं।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी सउनि. राधेश्याम बंजारे पुलिस बल के साथ तत्काल मौके के लिए रवाना हुए।

मगरलोड-राजिम मुख्य मार्ग से आश्रम तक पहुंचने वाला सीधा रास्ता पूरी तरह बाढ़ में डूब चुका था। इसके बावजूद जवानों ने हिम्मत नहीं हारी।

नवागांव की ओर से नदी किनारे करीब 3 किलोमीटर का कच्चा रास्ता पुलिस टीम ने अंधेरे में पैदल तय किया।

200 मीटर गहरे पानी को तैरकर पार कर पहुंचे जवान

आश्रम से पहले करीब 200 मीटर का हिस्सा गहरे और तेज बहाव वाले बाढ़ के पानी में डूबा हुआ था।

चौकी प्रभारी राधेश्याम बंजारे, आरक्षक अनिल कुमार साहू और स्थानीय ग्रामीण नंदेश ध्रुव ने करीब 200 मीटर पानी तैरकर पार किया।

इसके बाद टीम ने दो बार आवागमन कर आश्रम में फंसे लोगों तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की।

बच्चों और बुजुर्गों समेत 9 जिंदगियों को सुरक्षित निकाला

रात का अंधेरा, बढ़ता जलस्तर और सामने तेज बहाव—हर कदम चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद रेस्क्यू अभियान लगातार जारी रहा।

करीब रात 1 बजे तक चले अभियान में पुलिस टीम ने 3 मासूम बच्चों समेत 9 लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया।

सुरक्षित निकाले गए लोगों में सुकली भाठा, देवभोग निवासी दुर्गेशचंद्र प्रधान (38), पत्नी पूनम प्रधान (30), उपासना (10), अघनी (6) और 2 वर्षीय अंश प्रधान शामिल हैं।

इसके अलावा नेहरू राम साहू (54), 81 वर्षीय धारानंद महात्मा, 77 वर्षीय फकलूरम महानंद तथा करीब 55 वर्षीय एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।

इन 9 लोगों में सबसे कम उम्र का अंश महज 2 साल का था। बाढ़ के बीच बच्चों और बुजुर्गों की मौजूदगी ने पूरे रेस्क्यू अभियान को और चुनौतीपूर्ण बना दिया था।

उफनती महानदी के बीच लोमस ऋषि आश्रम में फंसे 9 लोगों को सुरक्षित निकालती करेलीबड़ी पुलिस टीम।इस अभियान में चौकी प्रभारी सउनि. राधेश्याम बंजारे, प्रआर. लोकेश नेताम, प्रआर. हरिश सोरी, आरक्षक अनिल कुमार साहू, विश्वजीत वर्मा और यशवंत लहरी सहित ग्रामीण नंदेश साहू एवं सरपंच पति अवधराम साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन तथा एएसपी एवं एसडीओपी कुरूद के मार्गदर्शन में करेलीबड़ी पुलिस ने समय पर कार्रवाई करते हुए सभी 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

यह अभियान बताता है कि आपदा के समय साहस, तत्परता और पुलिस-ग्रामीणों का समन्वय कितनी जिंदगियों के लिए उम्मीद बन सकता है। स्थानीय ग्रामीणों ने रेस्क्यू टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पुलिस जवानों के साहस की सराहना की।

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