Domanlal Korsewada Death: अंत्येष्टि से पहले स्वागत-सत्कार से दूर रहे अजय चंद्राकर, दिवंगत साथी विधायक को श्रद्धांजलि देने की अपील

धमतरी भाजपा कार्यक्रम में दिवंगत विधायक Domanlal Korsewada को श्रद्धांजलि देने की अपील करते Ajay Chandrakar।
दिवंगत साथी विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन के बाद धमतरी में स्वागत-सत्कार से दूरी बनाकर श्रद्धांजलि देने की अपील करते अजय चंद्राकर।

धमतरी। Domanlal Korsewada Death के बाद धमतरी में आयोजित भाजपा के जिला स्तरीय कार्यक्रम में कुरूद विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अजय चंद्राकर की संवेदनशीलता चर्चा का विषय बनी रही। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता होने के बावजूद उन्होंने मंच पर बैठने के बजाय कार्यकर्ताओं के बीच नीचे बैठकर सहभागिता निभाना उचित समझा। इतना ही नहीं, उन्होंने नेताओं के स्वागत-सत्कार पर भी आपत्ति जताई। चंद्राकर ने कहा कि अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा की अंत्येष्टि अभी नहीं हुई है, ऐसे में स्वागत-सत्कार के बजाय दिवंगत साथी विधायक को श्रद्धांजलि देना उचित होगा।

Domanlal Korsewada Death: अजय चंद्राकर ने जताई संवेदना

दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा (अनुसूचित जाति आरक्षित) से भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को 78 वर्ष की आयु में हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से फेफड़ों संबंधी बीमारी से पीड़ित थे और उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके निधन की खबर से छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित भाजपा के कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

मुख्य वक्ता होने के बावजूद मंच से दूर रहे अजय चंद्राकर

शनिवार, 31 अक्टूबर को धमतरी में भाजपा ने ‘भीड़तंत्र हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ के नारे के साथ रैली निकाली और जिला स्तरीय मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें कुरूद विधायक अजय चंद्राकर मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।

हालांकि, कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच पर बैठने के बजाय कार्यकर्ताओं के बीच नीचे बैठना पसंद किया। जिले के प्रभारी एवं कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने भी उन्हें मंच पर आने का आग्रह किया, लेकिन अजय चंद्राकर अपनी जगह पर ही बैठे रहे।

एक वरिष्ठ साथी विधायक के निधन से पूरे भाजपा परिवार में शोक का माहौल था। ऐसे समय में अजय चंद्राकर ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मंचीय औपचारिकताओं और स्वागत-सत्कार से दूरी बनाई। उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच बैठकर कार्यक्रम में सहभागिता निभाना उचित समझा। उनका यह व्यवहार दिवंगत साथी विधायक के प्रति सम्मान और संवेदना का संदेश देता नजर आया।

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स्वागत-सत्कार पर जताई आपत्ति, दिवंगत विधायक को याद किया

अपने संबोधन के दौरान अजय चंद्राकर ने नेताओं के स्वागत-सत्कार की परंपरा पर आपत्ति जताई। उन्होंने अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी अंत्येष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे शोक के समय में स्वागत-सत्कार की औपचारिकताओं के बजाय दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि देना ज्यादा उचित है।

उन्होंने उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं से दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि देने की अपील की। गौरतलब है कि अजय चंद्राकर ने दोपहर करीब 2 बजे यह बात कही थी। उस समय डोमनलाल कोर्सेवाड़ा की अंत्येष्टि की प्रक्रिया संपन्न नहीं हुई थी।

राजनीतिक कार्यक्रम के बीच अपने दिवंगत साथी विधायक के प्रति संवेदना को प्राथमिकता देने का उनका यह रुख चर्चा के केंद्र में रहा।

राजकीय सम्मान के साथ हुआ दिवंगत विधायक का अंतिम संस्कार

डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का अंतिम संस्कार शनिवार को उनके गृह ग्राम भेण्ड्रा, जिला बालोद में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। धमतरी में दोपहर के कार्यक्रम के दौरान अजय चंद्राकर ने अंत्येष्टि नहीं होने का उल्लेख करते हुए श्रद्धांजलि देने की अपील की थी। बाद में उनके गृहग्राम में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न हुई।

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