पोटाश बम से शिकार: धमतरी में तीन आरोपी गिरफ्तार, जेल दाखिल

पोटाश बम शिकार के आरोप में गिरफ्तार तीन आरोपियों को जिला जेल धमतरी में दाखिल करती वन विभाग की टीम
पोटाश बम से जंगली सुअर के शिकार मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर जिला जेल धमतरी भेज दिया गया।

धमतरी। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के सीतानदी अभयारण्य में अवैध शिकार का मामला सामने आया है। यहां पोटाश बम से एक नर जंगली सुअर का शिकार किया गया था। इस मामले में वन विभाग ने तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 30 अक्टूबर को आरोपियों को नगरी न्यायालय में पेश किया गया। इसके बाद न्यायालय ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जिला जेल धमतरी भेज दिया।

पोटाश बम से शिकार के मामले में वन विभाग की कार्रवाई

वन विभाग के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को चिखलापानी आरक्षित वनक्षेत्र में शिकार किया गया था। यह क्षेत्र रिसगांव परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 254-255 में आता है।

शिकार के लिए पोटाश बम का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद वन विभाग ने मामले की जांच शुरू की। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी।

कार्रवाई के दौरान ओडिशा के खिलौली निवासी देवानंद उर्फ लैला को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा रामजी राठौर से जुड़े मामले में भारत रामजी राठौर को भी गिरफ्तार किया गया। भारत पर विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति और पोटाश बम बनाने में संलिप्त होने का आरोप है।

छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर पोटाश बम शिकार मामले में फरार आरोपियों को व्यवहार न्यायालय नगरी में पेश करती वन विभाग की टीम
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में पोटाश बम शिकार मामले में गिरफ्तार तीन फरार आरोपियों को वन विभाग ने 30 अक्टूबर को नगरी न्यायालय में पेश किया।

तीनों आरोपियों को 30 अक्टूबर को नगरी न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल धमतरी भेज दिया गया।

इसी वन अपराध प्रकरण में पूर्व में गिरफ्तार किए गए ओडिशा के नबरंगपुर जिले के खिलौली निवासी नर्सिंग और मानसिंह की जमानत याचिका भी न्यायालय ने खारिज कर दी है।

इस कार्रवाई में सहायक संचालक सीतानदी बालगोविंद साहू, सहायक संचालक उदंती गोपाल सिंह कश्यप सहित संबंधित परिक्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों का योगदान रहा। उक्त जानकारी उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक वरुण जैन ने दी।

वन्यजीव संरक्षण और टाइगर रिजर्व से संबंधित आधिकारिक जानकारी के लिए
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की वेबसाइट देखें।

 

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