7 साल का मासूम 18 घंटे से लापता! मेघा के बाद Dhamtari drain accident

Dhamtari drain accident rescue operation
Dhamtari drain accident rescue operation

धमतरी।

7 साल का मासूम लक्ष्य साहू नाले के तेज बहाव में बहने के बाद 18 घंटे से अधिक समय से लापता है। भर्रीपारा-सोरिद वार्ड में हुई इस घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और जिला सेनानी बल की टीम रेस्क्यू अभियान में जुटी है। घटना के बाद अंबेडकर चौक के पास वार्डवासियों ने चक्काजाम कर आक्रोश जताया।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब इससे एक दिन पहले मेघा में 15 वर्षीय छात्रा कु. ताराना निषाद के नाले में बहने की घटना सामने आई थी। मेघा में छात्रा की तलाश के लिए SDRF ने लगभग 48 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया था। इसके बाद अगले ही दिन धमतरी में 7 वर्षीय लक्ष्य के नाले में बहने की घटना सामने आ गई।

लगातार सामने आई इन घटनाओं ने बारिश के दौरान तेज बहाव वाले स्थानों पर सुरक्षित आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • Dhamtari Drain Accident: 18 घंटे बाद भी लक्ष्य की तलाश

भर्रीपारा-सोरिद वार्ड में तीसरी कक्षा का सात वर्षीय छात्र लक्ष्य साहू तेज बहाव वाले नाले में बह गया। घटना के बाद से उसकी तलाश जारी है।

नायब तहसीलदार दुर्गेश तवर ने बताया कि लक्ष्य के नाले में गिरने की सूचना मिलने के बाद पुलिस, प्रशासन और जिला सेनानी बल की टीम रेस्क्यू में जुटी है। उन्होंने नाले को जोखिम वाला क्षेत्र बताते हुए आसपास के लोगों से सतर्क रहने की अपील की।

18 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी लक्ष्य का पता नहीं चल पाया है।

नया नाला, पुराना रपटा और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल

घटना के बाद वार्डवासियों ने अंबेडकर चौक के पास चक्काजाम किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां लंबे समय से पक्के पुल की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक पुराने रपटा से ही आवाजाही हो रही है।

लोगों के अनुसार पुराने रपटा के आसपास सुरक्षा रेलिंग और सुरक्षा दीवार तक नहीं है। बारिश के दौरान तेज बहाव के बीच इसी रास्ते से आवाजाही होने के कारण खतरे की स्थिति बनी रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला नया बनाया गया, लेकिन इस स्थान पर बड़े और सुरक्षित पुल का निर्माण नहीं किया गया।

पिछले हादसों का भी दिया हवाला

वार्डवासियों के अनुसार पिछले साल भी इसी रपटा पर बड़ा हादसा होते-होते बचा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले साल लक्ष्य साहू के बड़े भाई के भी बह जाने की घटना हुई थी और काफी मशक्कत के बाद उन्हें बचाया गया था।

इसके अलावा स्थानीय लोगों ने कार के गड्ढे में गिरने, ट्रैक्टर के फंसने और साइकिल सवार के बहने जैसी घटनाओं का भी उल्लेख किया।

इन घटनाओं का उल्लेख स्थानीय लोगों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर किया जा रहा है।

जलनिकासी व्यवस्था पर भी उठे सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार नाले के अंतिम हिस्से में दीवार बनाकर पानी के बहाव को सीमित कर दिया गया है। उनका कहना है कि पानी की निकासी छोटे रास्ते से होने के कारण तेज बारिश में बहाव का दबाव बढ़ जाता है।

लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जलनिकासी और सुरक्षित आवागमन के लिहाज से जरूरी इंतजाम नहीं किए गए।

लक्ष्य के तेज बहाव में बहने के बाद उसके पाइप में फंसे होने की आशंका भी स्थानीय लोगों ने जताई है। हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

वार्डवासियों का कहना है कि बचाव अभियान के लिए जरूरी मशीनरी तत्काल उपलब्ध होनी चाहिए। उनका आरोप है कि नगर निगम के पास पाइप तोड़ने के लिए हैमर मशीन उपलब्ध नहीं है, जिससे रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है।

मेघा में छात्रा के नाले में बहने की घटना के बाद मौके पर जुटे स्थानीय लोग
मेघा में छात्रा के नाले में बहने की घटना के बाद मौके पर जुटे स्थानीय लोग।
यदि खबर में यह फोटो मेघा

मेघा में 48 घंटे की तलाश, फिर धमतरी में दूसरा हादसा

26 सितंबर को ग्राम पंचायत मेघा में 15 वर्षीय छात्रा कु. ताराना निषाद, पिता उदय निषाद, बाढ़ के पानी का बहाव देखने गई थी। पेट्रोल पंप के पास स्थित नाली में पैर फिसलने के बाद वह तेज बहाव में बह गई थी।

बताया गया था कि छात्रा प्राथमिक शाला मेघा में कक्षा 7वीं में अध्ययनरत थी।

छात्रा की तलाश के लिए SDRF ने लगभग 48 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके बाद अगले ही दिन भर्रीपारा-सोरिद वार्ड में 7 वर्षीय लक्ष्य साहू के नाले में बहने की घटना सामने आई।

एक घटना में छात्रा की तलाश के लिए लंबा सर्च ऑपरेशन चला और अगले ही दिन जिले में एक और बच्चा तेज बहाव की चपेट में आ गया। इन घटनाओं ने बारिश के दौरान नालों, रपटों और तेज बहाव वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

अब स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग

लक्ष्य साहू की तलाश अभी जारी है। घटना के बाद वार्डवासियों की मांग है कि यहां पक्का और सुरक्षित पुल, सुरक्षा रेलिंग तथा सुरक्षित जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल हादसे के बाद बचाव अभियान पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे जोखिम वाले स्थानों पर पहले से सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाने चाहिए।

फिलहाल पुलिस, प्रशासन और जिला सेनानी बल की टीम लक्ष्य की तलाश में जुटी है। वार्डवासियों ने पक्के और सुरक्षित पुल, सुरक्षा रेलिंग तथा जलनिकासी की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान आवाजाही सुरक्षित हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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