
धमतरी।
जब कर्तव्य की वर्दी स्वास्थ्य के संकल्प से जुड़ती है और अनुशासन में मानवता का भाव घुलता है, तब पुलिसिंग सिर्फ कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का पर्याय बन जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा दिखा धमतरी में, जहां पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में सेवा संकल्प एवं राष्ट्रीय एकता दिवस पर पुलिस परिवार ने एक नई परिभाषा गढ़ दी।
पुलिस लाइन में आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्तदान शिविर सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि ‘पहले स्वास्थ्य, फिर कर्तव्य और साथ में मानवता’ के मूलमंत्र का जीवंत प्रमाण बना।
131 चेहरों पर मुस्कान, स्वास्थ्य की सौगात
आयोजित शिविर में कुल 131 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई, जिसमें 73 महिलाएं और 58 पुरुष शामिल रहे। हर धड़कन को सुना गया, हर रक्तचाप को परखा गया।
शिविर में 29 लोगों का ईसीजी, 24 का एचटीएन, 4 का डीएम और 74 लोगों का ब्लड टेस्ट किया गया। उद्देश्य एक ही – जो दिन-रात जनता की सुरक्षा में तैनात है, उसका अपना स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहे।
30 यूनिट में बसी 30 जिंदगियों की उम्मीद
शिविर की सबसे चमकदार कड़ी रही रक्तदान। पुलिस के 30 जाबांजों ने 30 यूनिट रक्तदान कर यह साबित कर दिया कि वर्दी का असली रंग खाकी ही नहीं, इंसानियत की लालिमा भी है।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय ने कहा कि पुलिसकर्मियों का स्वस्थ एवं सुरक्षित रहना उनके कर्तव्यों के प्रभावी निर्वहन के लिए अत्यंत आवश्यक है। नियमित हेल्थ चेकअप और रक्तदान जैसी पहल सेवा भावना को और मजबूत करती है।
