धमतरी: मेघा एनीकट पर पानी उतरा, फिसलन से खतरा बरकरार Posted on 30/09/2026 by Moolchand Sinha मेघा एनीकट धमतरी में पानी उतरने के बाद भी फिसलन और बहाव का खतरा बना हुआ है। धमतरी, 30 सितंबर 2026। महानदी पर बने मेघा एनीकट धमतरी में बाढ़ का पानी अब कम हो गया है। गंगरेल बांध के गेट खुलने के बाद एनीकट के ऊपर पानी बह रहा था। अब बहाव कम हुआ है. एनीकट की सतह पर पानी और चिकनाहट है। इसके बावजूद, लोग यहां से गुजर रहे हैं। कुछ लोग पैदल जा रहे हैं। कुछ लोग दोपहिया वाहन से रास्ता पार कर रहे हैं। मेघा गांव की एक बच्ची 26 सितंबर को बाढ़ के तेज बहाव में बह गई थी। मेघा एनीकट धमतरी पर पानी उतरा, खतरा बाकी मौके की तस्वीर में एनीकट के दोनों ओर पानी दिखाई दे रहा है। रास्ते की सतह भी पूरी तरह सूखी नहीं है। इसके अलावा, लगातार पानी बहने से सतह पर फिसलन बनी हुई है। पैदल चलने वालों के लिए भी खतरा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम और बढ़ जाता है। इस कारण, अचानक पैर फिसल सकता है। बाइक का संतुलन बिगड़ सकता है। तेज बहाव में छोटी चूक भी हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए, पानी कम दिखने पर भी एनीकट को सुरक्षित नहीं मानना चाहिए। मासूम की मौत के बाद भी लापरवाही 26 सितंबर को बच्ची के बहने की घटना ने क्षेत्र को झकझोर दिया था। इसके बाद, परिवार और ग्रामीण उसकी तलाश में जुटे रहे। 29 सितंबर को बच्ची का शव बरामद हुआ। एक परिवार ने अपना मासूम बच्चा खो दिया। फिर भी, हादसे के बाद एनीकट पर लोगों की आवाजाही जारी है। यह स्थिति चिंता बढ़ा रही है। इसलिए, लोगों को नदी और एनीकट से दूरी बनाए रखनी चाहिए। एक हादसा किसी परिवार की पूरी जिंदगी बदल सकता है। प्रशासन की अपील, फिर भी आवाजाही बाढ़ की स्थिति को देखते हुए शासन-प्रशासन लोगों को सावधान कर रहा है। साथ ही, मुनादी के माध्यम से भी लोगों को चेतावनी दी जा रही है। लोगों से नदी, नाले और एनीकट से दूर रहने की अपील की जा रही है। इसके बावजूद, कुछ लोग पानी देखने के लिए एनीकट तक पहुंच रहे हैं। कुछ लोग इसी रास्ते से आने-जाने का जोखिम भी उठा रहे हैं। हालांकि, पानी का स्तर कम होना सुरक्षा की गारंटी नहीं है। खासकर बच्चों और युवाओं को ऐसे स्थानों से दूर रखना जरूरी है। फिसलन बनी अतिरिक्त चुनौती बाढ़ के बाद एनीकट की सतह पर काई और मिट्टी रह सकती है। इसके अलावा, पानी के कारण चिकनाहट भी बनी रह सकती है। ऐसी स्थिति में पैदल चलना मुश्किल हो सकता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम और बढ़ जाता है। इसी वजह से, अचानक ब्रेक लगाने पर बाइक फिसल सकती है। संतुलन बिगड़ने से हादसा हो सकता है। इसलिए, स्थिति सामान्य होने तक एनीकट पर अनावश्यक आवाजाही से बचना जरूरी है। ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था की मांग की एनीकट पर लोगों की आवाजाही जारी है। ग्रामीणों ने बैरिकेडिंग की मांग की है। उन्होंने पुलिस बल तैनात करने की भी मांग की है। इसके साथ ही, ग्रामीणों का कहना है कि केवल मुनादी पर्याप्त नहीं है। मौके पर निगरानी भी जरूरी है। इससे लोगों को खतरे वाले हिस्से में जाने से रोका जा सकता है। साथ ही, संभावित हादसे को समय रहते टाला जा सकता है। पानी उतर सकता है, सावधानी नहीं मेघा एनीकट धमतरी की यह तस्वीर लोगों के लिए चेतावनी है। बाढ़ का पानी कम हो रहा है। लेकिन, एनीकट की सतह पर फिसलन अभी भी है। आसपास पानी का बहाव भी खतरा पैदा कर सकता है। 26 सितंबर की घटना और 29 सितंबर को शव मिलने के बाद अब लोगों को सबक लेने की जरूरत है। इसलिए, नदी, नाले और एनीकट से दूरी बनाए रखें। पानी देखने की कुछ मिनट की जिज्ञासा किसी परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द न बन जाए। पानी उतर सकता है, लेकिन सावधानी नहीं उतरनी चाहिए।
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