
रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी रविवार को दो दिवसीय संगठनात्मक दौरे पर रायपुर पहुंचीं। उनके आगमन पर भव्य स्वागत-सत्कार की पारंपरिक चमक नजर नहीं आई। एयरपोर्ट से लेकर प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर तक सब कुछ सादगीपूर्ण रहा।
स्मृति ईरानी के साथ सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव सहित चुनिंदा नेताओं ने स्वागत किया। पहले की योजना में पांच हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की भीड़ और युवा मोर्चा की बाइक रैली शामिल थी, लेकिन व्यक्तिगत स्वागत की होड़ रोकने के निर्देश के बाद ये कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए। केवल पार्टी के आधिकारिक झंडे ही लगाए गए।
Smriti Irani Chhattisgarh व्यक्ति नहीं, संगठन पर जोर
पार्टी सूत्रों के अनुसार, स्मृति ईरानी के आगमन से पहले दिल्ली से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि शहर की दीवारों, चौराहों और खंभों पर व्यक्तिगत बैनर, पोस्टर या होर्डिंग्स नहीं लगाए जाएं। स्वागत केवल पार्टी के अधिकृत झंडों और आधिकारिक बैनरों से हो। इसका मकसद व्यक्तिगत ब्रांडिंग और गुटबाजी पर लगाम लगाना बताया जा रहा है।
एक मौके पर जब एक महिला कार्यकर्ता ने सेल्फी का आग्रह किया तो स्मृति ईरानी ने स्नेहपूर्वक उनका सिर सहलाया और विनम्रता से आग्रह टाल दिया। यह छोटा सा प्रसंग उनके सादगीपूर्ण अंदाज को और रेखांकित करता है।
दौरे का पूरा शेड्यूल
दौरे का पूरा फोकस संगठनात्मक संवाद और जमीनी फीडबैक पर है। दो दिनों में करीब 12 बैठकें तय हैं।
रविवार, 25 अक्टूबर
11:30 बजे: प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और महामंत्रियों के साथ बैठक
12:30 से 1:30 बजे: प्रदेश पदाधिकारी
1:30 से 2:30 बजे: संभाग और जिला प्रभारी-सह प्रभारी
3:30 से 5:00 बजे: पूर्व सांसद और पूर्व विधायक
5:30 से 7:00 बजे: पूर्व प्रदेश पदाधिकारी
7:00 से 8:30 बजे: कोर ग्रुप की बैठक
सोमवार, 26 अक्टूबर
10:00 बजे: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मंत्रिमंडल की मौजूदगी में विधायकों के साथ बैठक
11:30 से 12:30 बजे: सांसद
12:30 से 2:00 बजे: मंत्रिमंडल के साथ वन-टू-वन चर्चा
3:00 से 4:30 बजे: निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष
4:30 से 5:30 बजे: विचार परिवार के प्रतिनिधि
इसके बाद दोनों प्रभारी दिल्ली लौट जाएंगे।
Smriti Irani Chhattisgarh के इस पहले प्रवास को पार्टी में संगठन को मजबूत करने, सरकार-संगठन के तालमेल को सुधारने और 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।सादगीपूर्ण स्वागत और बैठकों के व्यापक कार्यक्रम से इस दौरे में संगठनात्मक संवाद को दी जा रही प्राथमिकता स्पष्ट होती है।
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